Skip to main content of main site

छात्र-युवा संघर्ष समिति ने पीएम को सौंपा 5 मांगों का ज्ञापन, 26 जनवरी को होगी युवा संकल्प रैली

बलात्कार के खिलाफ सख्त कानून की मांग को लेकर शनिवार 5 जनवरी 2013 को जंतर-मंतर पर छात्र-युवा संघर्ष समिति ने सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक सामूहिक उपवास रखा. इस उपवास में दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय, जामिया विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र शामिल हुए. छात्र-युवा संघर्ष समिति का गठन गैंगरेप की घटना से दुखी दिल्ली के युवाओं और छात्रों ने किया है. आम आदमी पार्टी छात्रों और युवाओं की इस सकारात्मक पहल को पूर्ण समर्थन दे रही है. विचार-विमर्श के बाद छात्र-युवा संघर्ष समिति ने महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए पांच मांगें सरकार के सामने रखी हैं.


छात्र-युवा संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा. समिति ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित पांच मांगें रखीं-

1 एफआईआर दर्ज करने के लिए थानों के एफआईआऱ कक्ष में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था हो.

2 फास्ट ट्रैक कोर्ट में सभी मामलों की समयबद्ध सुनवाई हो जिससे दोषियों को जल्द से जल्द दंडित किया जा सके. दंड के प्रावधानों को सख्त करते हुए सजा अवधि बढ़ाई जाए.

3 पीड़ित लड़की के लिए इंसाफ की आवाज उठाने वाले 8 निर्दोष युवकों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज किए गए फर्जी मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं

4 लोकतांत्रिक आवाज को कुचलने और बार-बार झूठ बोलने वाले दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार को अविलंब बर्खास्त किया जाए.

5 जिन जनप्रतिनिधियों के ऊपर महिलाओं के विरुद्ध अपराध के आरोप हैं उनकी सदस्यता तत्काल खत्म की जाए और महिलाओं के प्रति किसी भी तरह की हिंसा या दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने वाले कानून बनाए जाएं.


छात्र-युवा संघर्ष समिति दिल्ली के सभी कॉलेजों-विश्वविद्यालयों में एक सघन संकल्प अभियान चलाएगा और छात्रों व युवाओं को महिलाओं की रक्षा के लिए आगे आने को प्रेरित करेगा. समिति ने प्रधानमंत्री के सामने जो मांगे रखी हैं अगर वे पूरी नहीं होतीं तो 26 जनवरी को दोपहर 2 बजे जंतर-मंतर पर युवा संकल्प रैली का आयोजन किया जाएगा. आम आदमी पार्टी ने छात्रों एवं युवाओं द्वारा की गई इस सकारात्मक पहल को अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा पहले ही कर रखी है.

Make a Donation