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BJP ने M-C-D को बनाया M(मलेरिया)- C(चिकनगुनिया)-D(डेंगू) का पर्याय

PR/AAP/Delhi/10March17/CAGonMC
 

नगर निगम में फंड्स की कोई कमी नहीं, BJP अपने काम को लेकर गंभीर नहीं: CAG 

निगम में BJP के निक्कमेपन का ज़िक्र CAG रिपोर्ट में भी 

नगर-निगम पर CAG रिपोर्ट ने आम आदमी पार्टी के दावे पर लगाई मुहर 

BJP ने M-C-D को बनाया M(मलेरिया)- C(चिकनगुनिया)-D(डेंगू) का पर्याय 
 

सदन में टेबल हुई CAG रिपोर्ट ने आम आदमी पार्टी के उस दावे को सही ठहराया जिसमें आप ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी ने MCD को M(मलेरिया)- C(चिकनगुनिया)-D(डेंगू) बना दिया है। आम आदमी पार्टी जो शुरु से कहती आई है कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टियों ने मिलकर नगर-निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा और दिल्ली को कूड़े को डिब्बा बना दिया है इस पर अब CAG ने भी अपनी मुहर लगा दी है। 

इस मुद्दे पर बुलाई गई प्रेस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के दिल्ली के संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता दिलीप पांडे ने कहा कि 'अब तो सीएजी रिपोर्ट का भी कहना है कि नगर-निगम में भारतीय जनता पार्टी की शासन पूरी तरह से फ़ेल साबित हुआ है। सीएजी का भी कहना है कि एमसीडी की मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर कोई तैयारी ही नहीं थी। इस निक्कमेपन को लेकर तीनों ही एमसीडी को इस रिपोर्ट में लताड़ा गया है। रिपोर्ट कहती है कि फंड्स की कोई कमी ही नहीं थी लेकिन फिर भी एमसीडी द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।'
 

'एमसीडी ने कोई रेस्पॉन्स टीम नहीं बनाई। इनकी सर्विलांस टीम भी फ़ेल रही। डेंगू से लड़ने के लिए कोई तैयारी ही नहीं की गई थी। नगर-निगम का वॉर्निंग सिस्टम भी पूरी तरह से फ़ेल रहा। ना तो छिड़काव ही ठीक ढंग से किया गया और ना ही छिड़काव के लिए इस्तेमाल की गई दवा ही सही ढंग से चुनी गई।'

'43.65 करोड़ रूपए मच्छर मारने के खिलाफ अभियान में खर्च किए गए लेकिन इस अभियान में ग़लत तकनीक और ग़लत कैमिकल का इस्तेमाल किया गया। लोगों की सेहत को नुकसान करने वाली दवाईयां जानबूझकर खरीदीं गईं। भाजपा नेताओं ने अपने फ़ायदे और गंदी राजनीति के लिए दिल्ली की जनता की जान के साथ ख़िलवाड़ करने में भी कोई ग़ुरेज़ नहीं किया जो बेहद निंदनीय है।'

'लोगों के घर-घर जाकर ब्रीडिंग जांचने के लिए 109 करोड़ रूपए से ज़्यादा का फंड भाजपा द्वारा एमसीडी के माध्यम से ख़र्च किया गया लेकिन इसका ना तो कोई सुपरविज़न ही था और ना कोई इफ़ेक्टिव होने का असेसमेंट। 109 करोड़ रूपए ख़र्च कर दिए गए लेकिन उसकी जवाबदेही किसी के पास है ही नहीं।'

'79.76 लाख रूपए भाजपा शासित MCD ने Insecticide पर ख़र्च किया लेकिन ये फंड इस्तेमाल कहाँ हुआ इसकी कोई जानकारी ही नहीं है। शायद बीजेपी नेताओं को ही इसकी जानकारी होगी कि यह पैसा किसकी जेब में और क्यों गया है।'

'डेंगू जैसी ख़तरनाक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए कई सारे तरीके होते हैं जिनमें से एक महत्वपूर्ण तरीका एनवायरनमेंटल मोडिफिकेशन का होता है। दुर्भाग्यपूर्ण ये रहा कि डेंगू को रोकने के लिए किसी तरह का एनवायरनमेंटल मॉडिफ़िकेशन ही नहीं किया गया जैसे (वेस्ट मैनेजमेंट, सैनिटेशन, कंस्ट्रक्शन साइट कंट्रोल, टायर बाजार पर कंट्रोल) इस दिशा में कोई कदम भाजपा शासित  MCD द्वारा नहीं उठाया गया।'
 

'भाजपा द्वारा अपने दूषित राजनितिक मंसूबों को पूरा करने के लिए जानबूझकर ग़लत दवाई ख़रीदना, उनका छिड़काव करना, अलग अलग टीम बना कर उन टीमों के नाम पर पैसा लूटना ही इनका काम रहा है। अपनी गंदी राजनीति के लिए भाजपा ने दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य के साथ ख़िलवाड़ किया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो आप सब जानते हैं कि रानी झाँसी फ्लाईओवर कबसे बन रहा है। 70 करोड़ का बजट 700 करोड़ तक पहुँच गया और अभी भी कोई गारंटी नहीं कि अगले साल बन भी जाएगा या नहीं, ये इनके गवर्नेस का बेंचमार्क है।' 
 

'जब एमसीडी को राजीव गाँधी चौक के डेवेलपमेंट का काम दिया गया तो इन्होने वहां पर भी बंटाधार कर दिया। CAG ने अपनी इस रिपोर्ट में इसके बारे में भी डिटेल में बताया है। राजीव चौक Redevelopment के लिए जो लक्ष्य थे वे पूरे नहीं हुए। प्रोजेक्ट बुरी तरह से फ़ेल हुआ। डी-पी-आर को घटाया गया, जो डी-पी-आर शुरुआत में 615 करोड़ रूपए था वो घटाकर किया गया 477 करोड़ रूपए। चार साल देर होने के बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। बिल्डिंग्स की structural स्टेबिलिटी की जांच नहीं हुई.. सबवे, एस्केलेटर, पार्किंग, लाइटिंग का काम पूरा नहीं हुआ।14.67 करोड़ रूपए बर्बाद किए गए। फ्लोरिंग और कर्ब्स पर 3.38 करोड़ रूपए से ज़्यादा ख़र्च किए गए।अग्निशमन व्यवस्था पर 4.97 करोड़ रूपए ख़र्च हुए मग़र ऑडिट में उसकी efficiency का assurance नहीं हो पाया और भारतीय जनता पार्टी शासित एमसीडी द्वारा यह सब करना हज़ारों लोगों की जान से खेलने के बराबर है। 

CAG की इस रिपोर्ट ने भाजपा शासित एमसीडी के गवर्नेंस के ढकोसले को एक्सपोज़ करके रख दिया है। इस रिपोर्ट ने बताया कि कैसे अपनी राजनीति की दुकान चलाने के लिए भाजपा दिल्ली की जनता की ज़िन्दगी से खेल रही है। इस रिपोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली एमसीडी को चला पाना भाजपा और कांग्रेस के बस की नहीं है। 

BJP has turned MCD into Malaria Chikunguniya Dengue centre

No lack of funds in MCDs, BJP not serious about governance: CAG

BJP's miserable governance finds mention in report
AAP's claim on MCD validated by CAG Report
BJP has turned MCD into Malaria Chikunguniya Dengue centre
 
The CAG Report on MCD performance tabled in the Delhi Assembly has validated AAP's claim that the BJP has turned MCD into Malaria - Chikunguniya - Dengue (MCD). The AAP has maintained that the BJP and Congress have together made the MCD into a hub of corruption and turned Delhi into a garbage bin, a claim that has found resonance in the CAG's report.
During a press conference on this subject, Delhi Convener Dilip Pandey said, "The CAG has also now exposed the BJP's pathetic performance in running the MCD. It has observed that the municipal bodies was wholly unprepared to deal with mosquito-related diseases that spread in Delhi last year. The report has strongly condemned the role of the three MCDs on this front. It says that despite there being no lack of funds, no concrete steps were taken by the MCDs to tackle disease.
"No Response Teams were set up, and the Surveillance Team was a failure. No steps were taken to combat the dengue menace. Neither was any fogging undertaken, nor was the choice of fogging liquid used appropriately made.
"Rs 43.65 crore was spent in the effort to deal with mosquito menace, but the techniques and chemicals used were inappropriate. Chemicals that adversely affect health of people were purposefully chosen by the MCDs. For political gain and self interest, BJP leaders played with lives of the people of Delhi.
"Over Rs 109 crores were spent on identifying spots of breeding in people's houses, but there wasn't any mechanism to supervise or assess the impact of this expenditure. There is no accountability as to the use of these funds..
"The BJP-run MCDs spent Rs 79.76 lakhs on insecticide but has not been able to provide any information on the utilisation of the insecticide. BJP leaders may be able to explain who pocketed all of this money.
"Among many strategies to stop the spread of dengue is that of Environmental Modification. It is a tragedy that no such step was taken for waste management, sanitation, construction site control, tire sale control.
"The twisted politics of the BJP which is motivated only by self interest has resulted in the MCDs buying incorrect chemicals and fogging the city, siphoning funds through setting up of various unnecessary 'teams', etc. The BJP has played with the health of citizens of Delhi to meet its sinister political ends. When it comes to infrastructure also the BJP-run MCDs have failed miserably. The Rani Jhansi Flyover is the symbol of the MCD's failures. The cost of building it has escalated from Rs 70 to 700 crores, but there is still no clarity about it's completion. This is the benchmark of BJP's governance model.
"When the MCDs were tasked with the development of the Rajiv Gandhi chowk, the party bungled up this as well. The CAG Report mentions this in detail. The objectives of the redevelopment of Rajiv Chowk are also unfulfilled. DPR was slashed from Rs 615 crore to 477 crore. Even after four years, work on it was still pending. No inspection was undertaken to test structural stability. Subways, escalators, and other such infrastructure never saw the day of light, despite incurring of huge costs.
"The CAG Report has throroughly exposed the failures and misgovernance of the BJP-run MCDs. It has shown how the BJP played with the lives of the citizens of Delhi for its sinister political motivations. The report has made it clear that the Congress and the BJP cannot be allowed to continue in the MCDs."

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