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बीजेपी डाल रही है मीडिया पर दबाव, अमित शाह की सम्पत्ति से जुड़ी ख़बर को हटवाया गया

बीजेपी डाल रही है मीडिया पर दबाव, अमित शाह की सम्पत्ति से जुड़ी ख़बर को हटवाया गया

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ दबाव में कर रहा है काम, बीजेपी के इशारे पर हटाई जाती हैं ख़बरें

रविवार को देश के कुछ बड़े मीडिया संस्थान की वेबसाइट्स ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की सम्पत्ति से जुड़ी ख़बर को कुछ घंटो के बाद ही हटा लिया। निश्चित रुप से यह ख़बर बीजेपी के दबाव में हटाई गई है। आपको बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए भरे अपने नामांकन में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी सम्पत्ति का जो लेखा जोखा दिया है वो पिछले पांच साल में 300 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। देश की कुछ बड़ी न्यूज़ वेबसाइट्स ने इस ख़बर को पहले प्रकाशित किया लेकिन कुछ ही घंटों में रहस्यमय तरीक़े से इस ख़बर को हटा भी लिया।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि ‘आज की तारीख़ में भारतीय मीडिया  की स्वतंत्रता को ख़त्म किया जा रहा है और बीजेपी के अनुरुप ख़बरों को प्रकाशित और प्रसारित किया जाता है। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह की बढ़ी सम्पत्ति से जुड़ी ख़बर को पहले कुछ बड़ी न्यूज़ वेबसाइट्स प्रकाशित करती हैं और फिर अचानक से इस ख़बर को सभी जगह से हटा दिया जाता है। ख़बर हटाने का कोई कारण भी उन मीडिया हाउसिज़ की तरफ़ से नहीं दिया जाता। भारतीय जनता पार्टी आज लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता को ख़त्म करने में जुटी हुई है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की सम्पत्ति पिछले पांच साल में अगर 300 प्रतिशत बढ़ी है तो उस ख़बर को हटाया क्यों गया?

  1. क्या अमित शाह ने ये सम्पत्ति ग़लत तरीक़ों से अर्जित की है ?
  2. क्या आय से ज्यादा सम्पत्ति का मामला तो नहीं है जो इस ख़बर को अचानक से हटवाया गया?
  3. बीजेपी आख़िर क्यों मीडिया की स्वतंत्रता में दखल देने की कोशिश कर रही है?
  4. अगर अमित शाह ने अपनी सम्पत्ति चुनावी एफ़िडेविट में घोषित की है तो उसे अब जनता से छुपाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है?
  5. भारतीय मीडिया आखिर किस डर में काम कर रही है जो वो बीजेपी के दबाव में आकर ख़बरों को हटा देती है?
  6. भारतीय जनता पार्टी को इन सब बातों का जवाब जनता के बीच में आकर देना चाहिए

 

 

LG के माध्यम से दिल्ली में बिजली के दाम बढ़वाने की साज़िश रच रही है BJP

 

दिल्ली में उपराज्यपाल के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी बिजली के दाम बढ़वाने की साज़िश रच रही है। दिल्ली सरकार द्वारा नॉमिनेट किए गए डीईआरसी के चेयरमैन को उपराज्यपाल के माध्यम से हटा दिया जाता है और अब मात्र एक ही पुराने सदस्य के साथ डीईआरसी चल रहा है और ऐसी ख़बरें हैं कि जल्द ही बीजेपी एलजी के माध्यम से दिल्ली में बिजली के दाम बढ़ाने की साज़िश को अंजाम देने वाली है।

पार्टी कार्यालय में आयोजित हुई प्रेस कॉंफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एंव विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ‘भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में उपराज्यपाल के माध्यम से बिजली के दाम बढ़ाने की साज़िश को अंजाम दे रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले ढाई साल से दिल्ली में बिजली के दाम नहीं बढ़ने दिए हैं, दिल्ली सरकार ने डीईआरसी के चैयरमैन पद पर जिस अफ़सर को बिठाया था बीजेपी ने एलजी के माध्यम से उन्हें हटवा दिया और अब डीईआरसी सिर्फ़ एक पुराने सदस्य के साथ ही चला रहा है। ये वही सदस्य हैं जिनकी नियुक्ति शीला दीक्षित जी के वक्त में हुई थी।

दिल्ली के उपराज्यपाल की नियुक्ति भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार के माध्यम से हुई है और उपराज्यपाल बीजेपी के कहे अनुसार ही काम करते हैं लिहाज़ा बिजली के दाम बढ़वाने के लिए भी एलजी महोदय बीजेपी की साज़िश का एक किरदार होंगे। लेकिन आम आदमी पार्टी दिल्ली के लोगों को यह भरोसा देती है कि अतीत में भी आम आदमी पार्टी की सरकार ने बिजली के दाम नहीं बढ़ने दिए थे और भविष्य में भी हम ऐसा नहीं होन देंगे, आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार बिजली के दाम किसी भी क़ीमत पर नहीं बढ़ने देगी।

दिल्ली में बिजली की दरों में वृद्धि करने के लिए बिजली कम्पनियों के साथ मिलकर साज़िश को अंजाम दिया जा रहा है

· डीईआरसी का सिर्फ़ एक सदस्य बिजली कम्पनियों की टैरिफ याचिकाओं पर निजी विमर्श कैसे कर सकता है?

· इस अनावश्यक अभ्यास को आख़िर गुप-चुप तरीक़े से क्यों किया जा रहा है?

· हमारे विधायकों ने डीईआरसी के समक्ष बिजली कम्पनियों की टैरिफ बढ़ाने की याचिकाओं पर अपनी आपत्ति दर्ज की है

· पूर्व एलजी नजीब जंग ने दिल्ली की निर्वाचित सरकार द्वारा डीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति को आखिर क्यों रद्ध कर दिया था?

· डीईआरसी के अध्यक्ष की नियुक्ति को रदध करने की साज़िश को नजीब जंग के माध्यम से बीजेपी ने अंजाम दिया था

· आम आदमी पार्टी डीईआरसी को टैरिफ मुद्दे पर साफ़ चेतावनी देती है क्योंकि डिसकॉम से बकाया राशि वसूलने में आयोग की भूमिका स्पष्ट रूप से संदेह के घेरे में है

· बिजली कम्पनियों की धोखाधड़ी की जांच के लिए डीईआरसी ने अब तक क्या किया है?

· डीईआरसी बिजली कम्पनियों की धोखाधड़ी से निबटने में पूरी तरह से बेअसर साबित हई है

 

 

अमेरिका में आयोजित हुए हैकेथॉन में ईवीएम को किया गया हैक़

अमेरिका में हाल ही में आयोजित हुए ईवीएम के हैकेथॉन में ईवीएम को हैक करके दिखाया गया। वहां छात्रों ने ईवीएम को वायरलैस और दूसरे कई तरीक़ों से ईवीएम को हैक करके दिखाया है और इसके बाद आम आदमी पार्टी की उस बात को और बल मिला है कि ईवीएम को आसानी से हैक किया जा सकता है और ये मशीनें टैम्परप्रूफ़ नहीं हैं।  

पार्टी कार्यालय में आयोजित हुई प्रैस कॉंफ्रेंस में बोलते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ‘जैसा कि आम आदमी पार्टी पहले से कहती आई है कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है लेकिन भारतीय चुनाव आयोग हमारी इस बात को नहीं मान रहा था, अब अमेरिका में कुछ छात्रों ने ईवीएम को अलग-अलग तरीक़े से हैक करके दिखा दिया है और इससे यह साबित हो जाता है कि ईवीएम को आसानी से हैक़ किया जा सकता है

आम आदमी पार्टी एक बार फिर से अपनी मांग को दोहराती है कि चुनाव आयोग अमेरिका के इस हैकेथॉन का संज्ञान ले और चुनावी प्रक्रिया में भारत की जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए अपनी मशीनों के टैम्परप्रूफ़ होने का विश्वास दिलाए। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पूरी दुनिया में ईवीएम का पैटर्न एक ही होता है और अगर अमेरिका में ईवीएम को हैक किया जा सकता है तो भारत में भी यह मुमकिन है ऐसे में चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है कि वो जनता के विश्वास को जीते और लोकतंत्र में जनता के भरोसे को बहाल करे।

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